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Thursday, December 11, 2008

...राजा एक सवाल भी है

राजा चौधरी यूपी के मेरठ के रहने वाले हैं। पता नहीं इसपर गर्व करें या उनकी शर्मिंदगी भरी हरक़तों पर अफसोस जाहिर करें। पड़ताल कर रहे हैं नीरज।
किसी ख़बरिया चैनल पर राजा चौधरी की थाने में पिटाई की ख़बर चल रही थी। राजा का नाम शायद आपके भी जेहन में हो। बिग बास के फाइनल में आशुतोष से मात खाने वाला राजा चौधरी। ...तो मैं बात कर रहा था राजा की। उस ख़बर की जिसमें थाने में बैठे राजा की पिटाई हो रही थी। एक पुलिसवाला तबियत से राजा ख़ातिरदारी कर रहा था...सर्किल और ऐरो बनाकर इस चांटे को दिखाया जा रहा था। इसके बावजूद राजा बमभोले की जय के नारे लगा रहा था। जैसे कोई किला फ़तह कर लिया हो।...ये कोई पहला मौक़ा नहीं है, जब राजा चौधरी ख़बर बने हों। मयनोशी ने उन्हें और उनके परिवार को भी जाने कैसे-कैसे दिन न दिखाए। हंगामा, मारपीट और बदतमीजी। राजा के गले में इसका टैग हमेशा से लटका रहा है। यही उसकी शख़्सियत का स्थायी भाव बन गया।
लेकिन राजा एक सवाल भी हैं। बार-बार राजा ही ख़बर क्यों बनते हैं। ...मयनोशी अगर इकलौती वज़ह है तो उनसे ज्यादा टल्ली होने वाले और भी हैं ज़माने में। लेकिन ख़बर बनने की योग्यता कम ही लोगों में होती है। दुर्भाग्य से राजा में मीडिया को ये योग्यता जरूरत से कुछ ज्यादा ही दिखती है। जिसके कारण आज राजा की ये दुर्गति हो रही है। दरअसल, राजा की कहानी एक ऐसे नाकाम अभिनेता की है, जिसकी पत्नी को अभिनेत्री के तौर पर क़ामयाबी मिली। जिसे शोहरत मिली...जिसे एक बेहतर पहचान मिली। छोटे पर्दे की प्रेरणा यानी श्वेता तिवारी। करीब-करीब हर घर में जानी-पहचानी जाती हैं। मगर राजा के पास क्या है- कुछेक टीवी सीरियल्स, चंद फ्लाप भोजपुरी फिल्में...और बेशुमार बदनामियां।
टीवी शो -नच बलिये- में राजा और श्वेता की पति-पत्नी की जोड़ी दिखी थी। इसके कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच मनमुटाव की ख़बरें आने लगीं। नौबत यहां तक पहुंची कि श्वेता ने राजा के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी। पहली बार दोनों का पारिवारिक झगड़ा जमाने के सामने खुलकर आ गया। मीडिया को इस घरेलू झगड़े में फिल्म अभिमान की पटकथा दिख गई जो कहीं अधिक सच्ची थी। मीडिया का हुजूम जब राजा के सामने पहुंचा तो उसने खूब बदतमीजियां कीं...मीडिया को दोहरा मसाला मिल गया। ...खैर, कुछ दिनों तक मीडिया के खेल लेने के बाद बात आई-गई हो गई। इस बीच राजा ने मालीवुड कहे जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की फिल्मों में भी हाथ आजमाया। पलक क्रियेशन के नाम से प्रोडक्शन हाउस भी बनाया लेकिन उसकी बदनामियों का सिलसिला शायद अभी लंबा चलना था।
राजा को बिग बास के घर में देखा गया। लेकिन यहां भी आइटम गर्ल संभावना के साथ पंगा ले बैठे। हालांकि इसमें राजा की गलती कम और ऐसे शो की डिमांड को ज्यादा जिम्मेदार माना जा सकता है। ...वहां से छूटे तो राजा ने रोज गदर मचाना शुरू कर दिया। पहले तो मुंबई पुलिस ने उसे एक ऐसे शख़्स के साथ पकड़ा, जो न तो- ही- हैं और न ही- शी- में उनकी गिनती होती है। उसके बाद टैरो कार्ड रीडर का मामला सामने आया। फिर बिग बास में उनके साथ रहे जुल्फ़ी ने राजा पर चोरी का इल्ज़ाम लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। कुल मिलाकर राजा और उनकी हरक़तों ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
फिर उसी सवाल पर आते हैं। राजा क्यों ख़बर हैं। क्या राजा सिलेब्रिटी होने की क़ीमत चुका रहे हैं। क्या इसलिए वो ख़बर हैं कि वो एक क़ामयाब अभिनेत्री के नाकाम पति हैं। ख़बरिया चैनलों के लिए इसलिए ख़बर हैं कि उन्हें राजा के रूप में ऐसी सामग्री मिल गई जिसपर घंटों तक बिना कुछ ख़ास मेहनत के राजा रंगीला- अय्याशी का राजा- के रूप में घंटों खेले जाने की योग्यता है।...लेकिन अगर आप महानगरीय जीवन से वाक़िफ हैं तो राजा को अधिक संवेदनशीलता के साथ समझ सकते हैं। एक हारे हुए पति...एक हारे हुए नायक ...और छोटे शहर से आए एक ऐसे शख़्स की छटपटाहट को समझ सकते हैं, मायानगरी की बुलंदियों को छूने आया था।

2 comments:

परमजीत बाली said...

सही बाहै।जीवन से हाताश हो कर और नाकाम रहने के कारण ही ऐसा व्यवाहर हुआ होगा।

Brijesh Dwivedi said...

bilkul thik likha hai aapne....
ese hi aur post daliye...

shabdo ke gaon me aapka swagat hai...