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Sunday, February 1, 2009

सबका आभार

"अपनी गांव यात्रा को सिलसिलेवार ढंग से लिखने का पहले इरादा नहीं था। लेकिन आपकी टिप्पणियों ने मेरा उत्साह बढ़ाया। टिप्पणी करने वालों या फिर इसे पढ़ने वालों, दोनों का तहेदिल से आभार। उम्मीद है, मेरा उत्साह बनाए रखेंगे. धन्यवाद"  - संजीव


3 comments:

Udan Tashtari said...

जारी रहिये, अनेक शुभकामनाऐं.

विनय said...

ज़ारी रहिए, शुभकामनाएँ!

संगीता पुरी said...

लिखते चलिए....हमलोग हैं न पढने के लिए...टिप्‍पणी करने के लिए....