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Wednesday, February 18, 2009


दैनिक भास्कर में एक रिपोर्ट के साथ बगल वाली तस्वीर छपी है। इस बहुरंगी तस्वीर को इस उम्मीद में ब्लाग पर दे रहा हूं कि आप कम-से-कम अंदाजा तो लगाइए कि ये है तो आखिर क्या है। अंदाजा सही हुआ तो आपका जायका भी बेहद अच्छा हो जाएगाः संजीव

4 comments:

रौशन said...

कहीं ये मीठे पान में पड़ने वाली चीजें तो नही हैं ?

ramanuj said...

YE BUNDIYA KI VERIETY HAI......

संगीता पुरी said...

कहीं बाजार में रंगों के उपयोग किए जाने पर तो नहीं ?

ab inconvenienti said...

Namkeen (snacks)