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Saturday, March 14, 2009

गुडबाय गुडी... जीती रहो


जर्नलिस्ट नीरज जेड गुडी के बारे में बता रहे हैं, जो मौत के करीब आ गई हैं। -
जेड गुडी आहिस्ता- आहिस्ता मौत के क़रीब जा रही है.. और करीब... और करीब। एक बिंदास महिला, जिसने ज़िंदगी को खिलंदड़पन के साथ जीया... और जो मौत को भी अपने खिलंदड़पन का अहसास करा देना चाहती थी... लेकिन अब टूट रही है। मौत को क़रीब देख विचलित हो गई है.. क्योंकि गुडी अब किसी को देख नहीं सकती। ..अब कभी भी वो अपने दो बच्चों और पति का चेहरा नहीं देख सकती। दुनिया अब उसके लिए फ़कत स्याह सुरंग बन गई। ...अस्पताल से गुडी को उसके घर भेज दिया गया है.. इंतजार के लिए। गुडी मौत का इंतजार कर रही है।
ब्रिटिश सेलिब्रिटी जेड गुडी के बारे में मेरी जानकारी उतनी ही है, जितनी किसी भी आम हिंदुस्तानी को होगी। ब्रिटेन के चैनल फोर के एक रियलिटी शो बिग ब्रदर के जरिये शायद पहली बार गुडी का नाम सुना था.. उस शो में गुडी बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के साथ हाउसमैट थी। शो के दौरान गुडी ने नस्लीय टिप्पणी कर दी थी...इसने गुडी को रातोंरात खलनायिका बना दिया। ..जबकि शिल्पा दुनिया भर में मशहूर हो गई। उम्रदराज हो चलीं शिल्पा को ग्लैमर जगत में नई जिंदगी मिल गई।..बाद में गुडी ने भी माफी मांगकर अपनी नेकदिली दुनिया को दिखा दी। हिसाब बराबर हो गया। पिछले साल शिल्पा शेट्टी के बिग ब्रदर के इंडियन वर्जन में गुडी प्रतिभागी के तौर पर शामिल हुईं। गुडी को हिंदुस्तान बुलाया गया... मुझे अच्छी तरह याद है वो शाम.. जब मैं घर में बैठा सुकून से टीवी देख रहा था... तभी एक ख़बर आई कि सरवाइकल कैंसर की वजह से गुडी बिग बॉस छोड़कर ब्रिटेन जा रही हैं। तब जेहन में सिर्फ यही चल रहा था कि रियलिटी शो को हिट कराने के लिए जाने कौन- कौन सा हथकंडा आजमाया जाता है। लेकिन पांच- छह महीने भी नहीं गुजरे कि पता चला कि गुडी का अपने देश वापस जाना किसी हथकंडे का हिस्सा नहीं था। ..ये एक ऐसा सच था, जो किसी को भी डरा सकता था। सरवाइकल कैंसर गुडी के शरीर में इस कदर फैल चुका था कि मेडिकल साइंस जवाब दे गया।... लेकिन जिंदगी को अलग अंदाज में लेने वाली गुडी ने उस स्थिति में भी ये कहकर सबको चौंका दिया कि वो एक ऐसा रियलिटी शो करना चाहती हैं, जिसमें उनकी सच्ची मौत होगी। यानी रीयल लाइफ में मौत का सच। इसके पीछे गुडी का तर्क था कि उसने जिंदगी कैमरे के सामने बिताई। सो, मौत की आगोश में भी कैमरे के सामने ही जाना चाहती है। गुडी की एक और ख्वाहिश थी... शादी करने की। 22 फरवरी को उसने जैक ट्वीड के साथ ब्याह रचा लिया।
गुडी की जिंदगी मायूसियों का फ़साना था, जिसे बदलने की गुडी ने हरचंद कोशिशें कीं। उसका पिता बेहद कुख्यात किस्म का व्यक्ति था। ..ड्रग्स का आदी उसका पिता एंड्रयू गुडी डकैती के मामले में जेल भुगत चुका था.. और ड्रग्स के ओवरडोज़ से ही उसकी जान गई। उपेक्षित बचपन जी चुकी गुडी जिंदगी को शिद्दत के साथ जीना चाहती थी... उसने दो बच्चों के पिता जैफ ब्रैजियर और फुटबॉलर रयान के साथ भी जिंदगी के कुछ लम्हे गुजारे। मगर गुडी की कहानी महज सत्ताईस साल में आकर ठहर गई।... किसी भी समय गुडी दुनिया को अलविदा कह सकती है। उसका आख़िरी शो किस लम्हा थम जाए.. भला कौन जानता है। सो, गुडबॉय गुडी... जीती रहो।

2 comments:

sareetha said...

समझ नहीं आता कि भारत के लोग मानसिक रुप से इतने दीवालिया कैसे और कब हो गये या हमेशा ही से ऎसे ही थे । ऎसी कई जेड गुडियाँ भारत में हर रोज़ दम तोड़ देती हैं ,उनके लिए कभी दुख पैदा नहीं होता ना समाज को ना देश को ना ही मीडिया को । जिसे आप जानते नहीं उसकी मौत को बाज़ार बेच रहा है और आप जैसे महान इस मौत के खरीददार बने हुए हैं । शर्म, शर्म ,शर्म.....।

Jayant said...

जे़ड गुड़ी और हम

कैमरे के सामने दम तोड़ेगी एक ज़िन्दगी
ज़िन्दगी को पता है
कि उसकी मौत,
गैरों के लिए महज एक मनोरंजन होगी
लेकिन उसके लिए
दो ज़िन्दगियों के जीते रहने का मकसद ।
ज़िन्दगी को पता है कि
उस अंतिम दस्तक के वक्त भी उसे
और ज्यादा भावुक होना होगा
दोहराने होंगे वो वाक्य
जिसकी स्क्रिप्ट अभी से ही लिखी जा चुकी है
उसे तय कर लेना होगा कि
ऐन मरते वक्त
उसका चेहरा संतुलित रहे
ताकि दिक्कत न हो कैमरों को ।
उसके अंतिम सांसे लेते वक्त भी
आप यकीं रखें उसकी अभिनय क्षमता पर
दर्द से ज़र्द होते चेहरे पर भी वो
तारी नहीं होने देगी कोई अनचाहा भाव,
अरे एक अभिनेता के सामने
ज़िन्दगी में एक ही बार तो आता है ऐसा मौका ।
और पता है इस शाहकार के निर्देशक को भी
कि इस सीन पर री-टेक नहीं होगा ।

अपने जीवन के हर भाव,
हर अच्छे-बुरे,
और निजी पलों तक को भी लेकर,
हम हाजिर रहेंगे आपके लिए
अपनी टीआरपी के लिए,
प्लीज़.... हमें देखियेगा ज़रूर...।