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Sunday, April 5, 2009

मैने देखा सपना







नीतू पांडे नवोदित टीवी जर्नलिस्ट हैं। नीतू ने अपने ब्लॉग - मेरी दुनिया- पर अपने ख़्वाबों के बारे में बताया है। अभी ताजा- ताजा ब्लॉग बनाया है। आप खुद उनके ब्लॉग पर जाकर टिप्पणी करें या फिर यहां भी आपकी टिप्पणियों का स्वागत है। धन्यवाद। -संजीव

कल मैं ने एक सपना देखा

इस सपने में देखा अपना भविष्य

अपने को बदलते देखा

सिद्धांतो से परे हटते देखा

क्यों देखा मैंने इस सपनें को ये मैं सोचूं

सपने में मैं अपने अंदर मरते मासूम लड़की को देखा

आजाद होती ये लड़की कुछ ज्यादा ही आजाद होती जा रही है

क्यों देखा मैने ये सपना ये मैं सोचू

आंगन में खेलता बचपन अचानक गुम होते देखा

मां के ऑचल से दूर होते मै खुद को पाया

क्यों मैंने देखा ये सपना ये मैं सोचूं

अगर किसी को मेरे सपने का अर्थ पता हो तो मुझे बताये।

2 comments:

creativekona said...

Sanjeev ji,
Neetu ji ke sapnon ko padhvane ke liye dhanyavad.kavita bahut achchhee hai..khaskar ye panktiyan bahut...kuchh kah rahee hain..
सपने में मैं अपने अंदर मरते मासूम लड़की को देखा
आजाद होती ये लड़की कुछ ज्यादा ही आजाद होती जा रही है
क्यों देखा मैने ये सपना ये मैं सोचू
आंगन में खेलता बचपन अचानक गुम होते देखा
Neetu ji ko meree shubhkamnayen.
HemantKumar

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

नीतू पाण्डेय जी का सपना सकारात्मक है।
आशा का सन्देश देता है।
बधाई।