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Sunday, August 2, 2009

...राखी तुम टीआरपी हो


(पुरखे कह गए कि नारी तुम श्रद्धा हो.. राखी के स्वयंवर पर सरसरी निग़ाह डाली तो विश्वास हो गया।...राखी के बहाने नारी चर्चा ः संजीव)
राखी तुम आसक्ति हो। राखी तुम विरक्ति हो।
राखी तुम फ़साना हो। राखी तुम हक़ीकत हो।
राखी तुम जीवन हो। राखी तुम नाटक हो।
राखी तुम नज़ीर हो। राखी तुम बेनज़ीर हो।
राखी तुम असली हो। राखी तुम नक़ली हो।
राखी तुम गंगाजल हो। राखी तुम काला जल हो।

राखी तुम उष्मा हो। राखी तुम ठिठुरन हो।
राखी तुम ताजा झोंका हो। राखी तुम तपिश हो।
राखी तुम हिंदी हो। राखी तुम उर्दू हो।
राखी तुम सच्चाई हो। राखी तुम शिगूफ़ा हो।
राखी तुम शर्मीली हो...राखी तुम विद्रोही हो।
राखी तुम सनातनी हो। राखी तुम बिंदास हो।
राखी तुम विवाद हो। राखी तुम निर्विवाद हो।
राखी तुम आम हो। राखी तुम ख़ास हो।
राखी तुम परंपरा हो। राखी तुम विद्रोह हो।
राखी तुम वर्तमान हो। राखी तुम भविष्य हो।
राखी तुम बेबाक हो। राखी तुम बे-बात हो।
राखी तुम मासूम हो। राखी तुम मौक़ापरस्त हो।
राखी तुम हिट हो। राखी तुम फ्लॉप हो।
राखी तुम समस्या हो। राखी तुम समाधान हो।
राखी तुम विश्वास हो। राखी तुम अविश्वास हो।
राखी तुम भरोसा हो। राखी तुम झूठ हो।
राखी तुम इस पार हो। राखी तुम उस पार हो।
राखी तुम आंसू हो। राखी तुम हंसी हो।
राखी तुम दर्शन हो। राखी तुम मिथ्या हो।
राखी तुम आग़ाज हो। राखी तुम अंजाम हो।
राखी तुम चतुर हो। राखी तुम मासूम हो।
राखी तुम जवाब हो। राखी तुम लाजवाब हो।
राखी तुम मिसाल हो। राखी तुम बेमिसाल हो।
राखी तुम सवाल हो। राखी तुम जवाब हो।

(अब कुछ नये तथ्य ः क्षमा याचनाओं के साथ)
राखी तुम बाईस्कोप हो। राखी तुम सिनेमास्कोप हो।
राखी तुम चढ़ता हुआ सेंसेक्स हो। राखी तुम टीआरपी हो।

6 comments:

चन्दन कुमार said...

vakai me ye to reality hai

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जय हो!!
राखी पुराण बढ़िया रहा।

परमजीत बाली said...

वाह! बहुत खूब!!

menka said...

राखी पुराण बहुत अच्छा है, लेकिन ये नारी पुराण नहीं हो सकता। वैसे राखी पर लिख कर आपने उसके कद को बढ़ा दिया।

Bhuwan said...

बढ़िया राखी पुराण... स्वयंवर देखने के लिए पागल हो रहे लोगों को देख कर वाकई में पुराण सच और सार्थक लग रहा है.

शुभकामनाओं के साथ,
भुवन वेणु
लूज़ शंटिंग

anshuman said...

राखी पर ऐसी समझ वो भी राखी के दिन, माशाल्लाह,
अंशु