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Thursday, April 12, 2012

...के तोरा संग जाई सुगनवा!



लोकगायक मन्ना यादव के इस गीत को सुनना एक नए अनुभवों की यात्रा है। हालांकि गीत भोजपुरी में है लेकिन मर्म हर कोई समझ सकता है। इसलिए इस गीत को सुनने के लिए भोजपुरी जानना ज़रूरी नहीं है। ज़िंदगी के सच का अहसास करने के लिए आप भी ज़रूर सुनिए। यू-ट्यूब से उड़ाया गया है।

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